| Existing family pension | Expected improvement in family pension |
| Sep ‘X’ Group Rs.3,500 | Rs.4,305 |
| Sep ‘Y’ Group Rs.3,500 | Rs.3,690 |
| Naik’X’ Group Rs.3,500 | Rs.4,608 |
| Naik ‘Y’Group Rs.3,500 | Rs.4,035 |
| Hav ‘X’ Group Rs.3,500 | Rs.5,103 |
| Hav ‘Y’ Group Rs.3,500 | Rs.4,377 |
There are about 20 lakhs exservicemen in the country. They are the most valuable human resources that the country can make use of. The objective of this blog is to provide a medium for exchanging views & educating the veterans of the Armed Forces by disseminating important information. The Blog at http://indianexserviceman.blogspot.com has been conceived by a team comprising of Sgt.C.Muthukrishnan & Sgt.S.Kandiah (Veterans of IAF) under the guidance of Lt.Col.James Kanagaraj.
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"நாட்டுக்காக உயிர் நீத்தவர்களை நினைக்காதநாடு இனி யாரும் அதற்காக உயிர் விடும் தகுதியை இழந்துவிடும்."
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Tuesday, November 29, 2011
ENHANCEMENT IN FAMILY PENSION
| Reactions: |
Wednesday, November 23, 2011
PENSION GUIDE BOOK IN HINDI
3. पहले से ही विशेष पारिवारिक पेंशन पानेवाले एक व्यक्ति को,उनके कुँवारे बेटे की सेना में सेवा करते समय, मृत्यु हो जाये तो क्या उस व्यक्ति को दूसरा विशेष पेंशन पाने की योग्यता है?
अक्सर पेंशन नकारा जाता है| परन्तु कानूनी विशेषज्ञ के मत के अनुसार यह मृत्यु युद्धभूमि में होने वाली मृत्यु ही मानी जायेगी| ऐसा 2003 के सैन्य कमान (आदेश) में दिया गया है|
औपचारिक रूप से आवेदन पत्र देकर पेंशन पा सकते हैं|
बिलकुल गलत, सेवाकाल में लापरवाही के कारण विकलांग हुवे सैनिक को नियमानुसार विकलांगता पेंशन में कुछ प्रतिशत कम करके दे सकते हैं, पर इसे मना नहीं कर सकते | सैनिक पेंशन नियम 175 को पढें |(Disability Pension can be reduced but not refused)
6.दंगे को काबू करने के लिए पुलिस की मदद करते समय सैनिक घायल हो जाता है| उसे सेवामुक्त करके साधारण पेंशन दिया जाना क्या ठीक है?
नहीं , उस सैनिक को (War injury pension) युद्ध हानि पेंशन दिया जाना चाहिए | विकलांगता पेंशन दिया जाना नियम के विरुद्ध है| सैन्य मंत्रालय के दिनांक 31-1-2001 के पत्र भाग 10.1 को पढ़ें|
7. एक सैनिक आज की तारीख में सिर्फ 1275/- रु. पारिवारिक पेंशन पाना क्या ठीक है?
नहीं , छठे वेतन आयोग (sixth pay commission) की सिफारिश से केंद्र सरकार सभी पेंशनरों को 1-1-2006 से कम से कम 3500/- रु. पेंशन हर महीने देने का आदेश दे चुकी है| सही आवेदन पत्र देकर पेंशन पा सकते हैं |
8.एक सैनिक को चिकित्सादल (Release medical board) ने 40% विकलांगता पेंशन सिफारिस की है| पर पेंशन आदेश (PPO) में 30% किया गया है| क्या पेंशन मंजूरी मंत्रालय (PSA) चिकित्सादल के सिफारिश को ख़ारिज करना ठीक है?
अस्तिभंग से हुए विकलांगता और ब्लड प्रेशर से हुए विकलांगता से एक ही स्थिती उत्पन्न होती है| इस बात से हमें ऐसी विकलांगता के लिए विकलांगता प्रतिशत को कम करने या बढाने का अधिकार चिकित्सकों को होने का ज्ञान होता है | चिकित्सक दल के अधिकारों को और उनके फैसले को चर्चा में लाना,बिना वजह उच्च न्यायालय के कार्य को बढाना ही माना जायेगा | आप के मन में आये उचित आग्रह को, प्रशासन को ठीक तरह से कहकर निवारण पाने की कोशिश करना ठीक होगा| ऐसे चर्चायुक्त कार्यों के लिए न्यायालय तक जाना आखरी कोशिश होनी चाहिए|
10.दूसरे महा युद्ध में मेरे दादाजी की सेवा के बारे में विवरण जानने की इच्छा से मैंने रिकॉर्ड ऑफिस को लिखा| पर उनके बारे में दस्तावेज सँभालने का समय समाप्त होने के कारण उन्हें नष्ट कर दिए जाने की सूचना मिली|आगे मैं क्या कर सकता हूँ?
बाकी दस्तावेज नष्ट किये जाने पर भी, बिना किसी सीमा काल के रखे जाने वाले लांग रोल (Long Roll) नामक दस्तावेज के द्वारा आप अपने दादाजी के बारें में कुछ आधारभूत विवरण जान सकते हैं |जैसे -उनकी सेना में भरती होने की तारीख और दिन ,सेवानिवृति (Discharge) की तारीख ,सेवानिवृत्ति का कारण| इस लांग रोल की नक़ल कानूनी आधार पर पूछकर पा सकते हैं |
11.एक सैनिक की युवावस्था में ही मृत्यु हो जाती है| उसकी पत्नी को विशेष पेंशन दिया जाता है| उस सैनिक की विध्वा माँ बिना सहारे के कष्ट उठा रही है| क्या इस पेंशन में उसकी माँ का कोई अधिकार या भाग नहीं है ?
अधिकार है, विशेष पेंशन उस सैनिक की विध्वा को ही नहीं बल्कि पूरे परिवार की सुरक्षा के हेतु ज्यादा रकम दिया जाता है|(Pension Regulation 215) अगर सैनिक की विध्वा, सैनिक की माँ की और उसके बच्चों की देखबाल नहीं करती तब पेंशन को बाँटकर दिया जाता है| यह नियम साधारण पेंशन पाने वाले पर लागू नहीं होता|
13.एक पूर्व सैनिक के छटे वेतन आयोग (sixth pay commission) में 100% विकलांगता पेंशन (Disability for 100%),सहायक कर्मचारी भत्ता और अंधेपन के लिए सहायक भत्ता (allowance for blinded ESM) किस तरह दिया जाता है ?
की बात है,पर यह सही है| फिर भी सरकार इसपर पुनर्विचार कर रही है|पर सहायक सैन्य बलों का मंत्रालय- ग्रह मंत्रालय, इस सूचना अधिकार अधिवेशन से कोई छूट प्राप्त नहीं कर पाई है| इसीलिए अगर सहायक सैन्य बलों और ग्रह मंत्रालय का कोई सम्बन्ध हो, तो ग्रह मंत्रालय से सम्पर्क कर सकते हैं |
17.मैं 12 साल सेना में कार्य करके बिना पेंशन के क्षमादान याचिका देकर(on compassionate grounds) 2004 में बाहर आ गया| क्या मुझे पूर्व सैनिक की हैसियत (status of ex-serviceman) और दूसरी सहूलियत मिल सकती है?
वर्त्तमान में सरकारी आज्ञा 1-1-1987 के बाद बाहर आने वाले सैनिक पेंशन के साथ आयें, तो पूर्व सैनिक की हैसियत मिलेगी| पेंशन न पाने की वजह से आपको यह सहूलियत मिलने की संभावना नहीं है|
18.क्या सैनिक पेंशनर गैरसरकारी बैंकों (New Generation Private Banks) में पेंशन खाता रख सकते हैं?
सैनिक की -आतंकवादी हमले में, शत्रुवों से किये गए हमले में, अन्तराष्ट्रीय युद्ध में, विदेश में शांति कायम करने के कार्य में, सीमा
सेवा में प्रदान किये गए वेतन (100% of reckonable emolument) के साथ महँगाई-भत्ता मिलाकर पेंशन दिया जाता है| छटे वेतन आयोग (Sixth Pay Commission ) में कम से कम उदारीकृत पारिवारिक पेंशन 7000/- रु. निर्णय किया गया है|(बदलाव के लिए 63 में दी गयी सूचि को देखें)| पुनर्विवाह करने पर भी यह पेंशन पा सकते हैं |
सामान्य पारिवारिक पेंशन (Ordinary Family Pension)
सेना के कार्य निमित्त न होकर सैनिक की किसी और कारण से मृत्यु हो जाये, तो उस सैनिक की पत्नी को सामान्य पारिवारिक पेंशन प्रदान किया जाता है| छटे वेतन आयोग के मुताबिक 1-1-2006 से कम से कम सामान्य पारिवारिक पेंशन 3500/- रु. है| यह सामान्य पारिवारिक पेंशन दो तरीके से बांटा जाता है- बढावा दर (Enhanced Rate) और दूसरा साधारण दर (Normal Rate)|
1-1-2006 के बाद सेना में सेवा करते वक्त सैनिक की म्रत्यु हो तो उसकी पत्नी को यह बढावा दर पेंशन 10 साल के लिए प्रदान किया जायेगा| इसमें सैनिक के आयु में बिना प्रतिबंद के उसकी पत्नी को यह पेंशन दिया जायेगा|
यह नियम 1-1-2006 के पहले सेवा काल में, सैनिक की मृत्यु होने पर उनकी पत्नी को यह बढावा दर पेंशन 7 साल के लिए निर्णय किया जाता है| यह 7 साल 1-1-2006 तारीख तक पूरे न हुवें हों, तो इन्हें भी यह पेंशन 10 साल तक बढ़ा दिया जायेगा|इसीलिए सम्बंधित लोग इन तारीखों को ध्यान में रखकर पहले ही पेंशन प्रदान करने वाले बैंकों को (pension sanctioning authority) से अनुमति पाकर इस बढावा दर पेंशन को 10 साल बढाने का आदेश पाना चाहिए|
छटे वेतन आयोग में आये इस आदेश को सम्बंधित लोग ध्यान से पढकर लाभ उठाएँ|
साधारणतः यह बढावा दर पेंशन सिर्फ 7 साल तक ही दिया जाता है या पेंशनर के 65 वर्ष की आयु तक, जो भी प्रथम आये उस हिसाब से यह प्रदान की जाती है| यह नियम जब सेवानिवृति आयु 58 वर्ष थी,तब निर्णय किया गया| फिर 13-5-98 से सेवानिवृति आयु 67 वर्ष बदले जाने के बाद, पेंशनर के 67 वर्ष की आयु तक यह पेंशन देने का निर्णय लिया गया| यह बढावा पेंशन मृत पेंशनर की पत्नी और बच्चों पर ही लागू होगा| मृत पेंशनर के माता-पिता अगर पेंशन ले रहें हो तो उनपर यह बढावा पेंशन लागु नहीं होगा|
